Monday, October 22, 2018
Tuesday, May 22, 2018
सर्वर – एक कम्प्यूटर जो खुद से जुडे हुए
कम्प्यूटरों को सूचना उपल्ब्ध कराता है जैसे – वेब सर्वर, मेल
सर्वर और लेन सर्वर।जब कोई यूजर सर्वर से कनेक्ट
होता है तो एप्लीकेशंस, फाइल, प्रिंटर और अन्य सूचनाएं उसे
उपलब्ध हो जाती हैं। सर्वर हार्ड्वेयर रिर्सोसेज का
मेजबान होता है। इन्हें वह क्लाइंट कम्प्यूटरों को नियंत्रण और शेयर करने के लिए
उपलब्ध कराता है। जैसे प्रिंटर और फाइल सिस्टम। यह शेयरिंग एक्सेस कंट्रोल और
सिक्योरिटी के लिहाज से काफी अच्छी होती है और हार्डवेयर के डुप्लीकेशन से बचाकर
खर्च भी काफी कम कर देती है।
क्लांइट – क्लांइट एक कम्प्यूटर सिस्टम है
जो किसी तरह के नेटवर्क के जरिए अन्य कम्प्यूटरों पर सर्विस एक्सेस करता है। क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर मे, क्लाइंट प्रोसेस एक प्रोसेस एक
प्रोग्राम है, जो
सर्वर प्रोसेस प्रोग्राम को एक रिक्वेस्ट भेजता है। क्लाइंट प्रोग्राम सामान्यतः Application
के
User
Interface हिस्से
को व्यवस्थित करता है, यूजर
केे द्वारा प्रिविस्ट किये गये डाटा को Valid घोषित करता है तथा सर्वर
प्रोग्राम केा आग्रह भेजता है तथा कभी कभी व्यापार लाॅजिक को क्रियान्वित करता है।
क्लाइंट प्रोसेस एप्लीकेशन फ्रन्ट.एंड होता है जिसे प्रयोक्ता देखता है तथा उसके
साथ संवाद करता है। क्लाइंट वर्कस्टेशन का एक मुख्य तत्व इसका ग्राफिकल यूजर
इन्टरफेस है।
पियर टु पियर
नेटवर्क Peer to Peer Network
(P2P)
Peer
to Peer Network (P2P) छोटे माहौल में सबसे
अच्छा काम करता है। नेटवर्क के सभी
कंप्यूटरों को व्यक्तिगत प्रशासन और मेंटेनेंस की जरूरत होती है। यदि आपकी दस से ज्यादा कंप्यूटर आपस में जोड़ने हों तो पियर टु प्रिया नेटवर्क का प्रयोग न करें।
पियर टु पियर नेटवर्क में हर कंप्यूटर में दो लेन की जरुरत होती है इसमें सभी कंप्यूटर सीरीज में जुड़े होते है। यदि बीच का कंप्यूटर बंद है या ख़राब है तो उससे जुड़े कंप्यूटर का पहले वाले कंप्यूटर से Connection बंद हो जाता है यह नेटवर्क सिर्फ दो कंप्यूटर को आपस में जोड़ने के लिए ठीक होता है।
पियर टु पियर नेटवर्क में हर कंप्यूटर में दो लेन की जरुरत होती है इसमें सभी कंप्यूटर सीरीज में जुड़े होते है। यदि बीच का कंप्यूटर बंद है या ख़राब है तो उससे जुड़े कंप्यूटर का पहले वाले कंप्यूटर से Connection बंद हो जाता है यह नेटवर्क सिर्फ दो कंप्यूटर को आपस में जोड़ने के लिए ठीक होता है।
नेटवर्क के प्रकार
नेटवर्क के निम्नलिखित प्रकार
हैं :
1.
लोकल एरिया
नेटवर्क (Local Area Network-LAN) :-
यह एक कम्प्यूटर नेटवर्क है, जिसके अन्दर छोटे भौगोलिक क्षेत्र जैसे - घर, ऑफिस, भवनों का एक
छोटा समूह या हवाई अड्डा आदि में कम्प्यूटर नेटवर्क है । वर्तमान लैन ईथरनेट
तकनीकी पर आधारित है । इस नेटवर्क का आकर छोटा, लेकिन डेटा संचारण की गति तीव्र होती है ।
किसी संगठन में कंप्यूटर कनेक्ट
करने के लिए LAN का उपयोग किया जा सकता है। लैन पर प्रत्येक कंप्यूटर का अपना सेंट्रल
प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) होता है, लेकिन वे महंगे डिवाइस जैसे प्रिंटर और मॉडेम को शेयर कर सकते हैं।
एक LAN
पर कंप्यूटर भी स्वयं के बीच डेटा साझा कर सकते हैं, लैन (LAN) पर डेटा
स्थानांतरित करने की दर बहुत तेज है लगभग 10 MBPS और गीगाबाइट ईथरनेट
पर करीब 1 GBPS तक होती है तथा इसमें 100 से 1000 कंप्यूटर को
जोड़ा जा सकता है।
2.
वाइड एरिया
नेटवर्क (Wide Area Network-WAN) :-
इस नेटवर्क में कम्प्यूटर आपस में लीज्ड लाइन या स्विचड सर्किट के
द्वारा जुड़े रहते हैं । यह नेटवर्क व्यापक भौगोलिक क्षेत्र देश, महादेश में फैला नेटवर्क का जाल है । इन्टरनेट इसका
अच्छा उदाहरण है । भारत में CMC द्वारा विकसित इंडोनेट वैन का उदाहरण है । बैंकों द्वारा प्रदत्त ATM सुविधा वाइड एरिया नेटवर्क का उदाहरण है ।
वाइड एरिया नेटवर्क डेटा, आवाज, छवि और वीडियो के
लंबे प्रसारण की अनुमति देता है। एक WAN एक MAN नेटवर्क से बड़ा
होता है। वैन (WAN) का उपयोग बड़े भौगोलिक क्षेत्रों, जैसे देश, महाद्वीप या
संपूर्ण विश्व के डेटा को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, इंटरनेट सबसे
बड़ा वैन (WAN) है, कंप्यूटर एक पब्लिक नेटवर्क का उपयोग करते हुए वैन से जुड़े होते हैं, जैसे टेलीफोन
लाइन,
उपग्रह और लीज्ड लाइन
3.
मेट्रोपोलिटन
एरिया नेटवर्क (Metropolitan Area Network-MAN) :-
MAN दो या दो से अधिक लोकल एरिया नेटवर्क को जोड़ता है । यह शहर की
सीमाओं के भीतर स्थित कंप्यूटरों का नेटवर्क है । राउटर्स, स्विच और हब्स मिलकर एक MAN का निर्माण करते हैं ।
एक मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क
लैन की तुलना में एक बड़ा भौगोलिक क्षेत्र में फैला हुआ होता है। किसी शहर में
कंप्यूटरों को कनेक्ट करने के लिए MAN का उपयोग किया जाता है, मैन नेटवर्क जो
कई स्विचेस या राउटर से बना होता है जो फाइबर ऑप्टिक केबल (Fiber
Optic Cable) का उपयोग करके उच्च गति कनेक्शन प्रदान करता है।
कंप्यूटर नेटवर्क
कंप्यूटर नेटवर्क क्या होता है?
कंप्यूटर नेटवर्क दो या दो से अधिक परस्पर जुडे हुए कम्प्यूटर, डिवाइस और उन्हें जोडने वाली
व्यवस्था को कहते हैं। ये कम्प्यूटर आपस में इलेक्ट्रोनिक सूचना का आदान-प्रदान कर
सकते हैं और आपस में तार या बेतार से जुडे रहते हैं।
सूचना का यह आवागमन खास परिपाटी से होता है, जिसे प्रोटोकॉल कहते हैं और नेटवर्क के प्रत्येक कम्प्यूटर को इसका पालन करना पड़ता है। कई नेटवर्क जब एक साथ जुड़ते हैं तो इसे इंटरनेटवर्क कहते हैं जिसका संक्षिप्त रूप इन्टरनेट (Internet) काफ़ी प्रचलित है। अलग अलग प्रकार की सूचनाओं के कार्यकुशल आदान-प्रदान के लिये विशेष प्रोटोकॉल हैं।
सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए एनालॉग तथा डिजिटल विधियों का प्रयोग होता है। नेटवर्क के उपादानों में तार, हब, स्विच, राउटर आदि उपकरणों का नाम लिया जा सकता है। स्थानीय कम्प्यूटर नेटवर्किंग में बेतार नेटवर्क का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
सूचना का यह आवागमन खास परिपाटी से होता है, जिसे प्रोटोकॉल कहते हैं और नेटवर्क के प्रत्येक कम्प्यूटर को इसका पालन करना पड़ता है। कई नेटवर्क जब एक साथ जुड़ते हैं तो इसे इंटरनेटवर्क कहते हैं जिसका संक्षिप्त रूप इन्टरनेट (Internet) काफ़ी प्रचलित है। अलग अलग प्रकार की सूचनाओं के कार्यकुशल आदान-प्रदान के लिये विशेष प्रोटोकॉल हैं।
सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए एनालॉग तथा डिजिटल विधियों का प्रयोग होता है। नेटवर्क के उपादानों में तार, हब, स्विच, राउटर आदि उपकरणों का नाम लिया जा सकता है। स्थानीय कम्प्यूटर नेटवर्किंग में बेतार नेटवर्क का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
लोकल एरिया नेटवर्क (LAN): एक खास छोटी दूरी के संगणकों को
जोड़ने के काम आने वाला नेटवर्क। इसमें डाटा के आदान-प्रदान की गति तीव्र होती है
और इसका संचालन और देखरेख एक संस्था या समूह मात्र द्वारा संभव हो पाता है।
उदाहरणस्वरूप एक कॉलेज के विभिन्न विभागों तथा छात्रावासों के बीच का नेटवर्क।
महानगर एरिया नेटवर्क (MAN): यह नेटवर्क एक शहर से दूसरे शहर
के बीच जुड़े होते हैं एवं क्षेत्र अधिक होता है। राउटर, स्विच और हब्स मिलकर एक
मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क का निर्माण करता है।
वाइड एरिया नेटवर्क (WAN): दूरस्थ संगणकों को जोड़ने में
प्रयुक्त। इसमें आदान-प्रदान की गति कम होती है तथा अक्सर बाहर के सेवा प्रदाता पर
निर्भर रहना पड़ता है। उदाहरण के लिए किसी कंपनी के बेंगलुर और मुंबई स्थित
कार्यालयों के संगणकों को जोड़ने की व्यवस्था जिसके लिए BSNL या किसी अन्य इंटरनेट सेवा
प्रदाता पर निर्भर रहना पड़ता है।
हब (Hub): हब एक हार्डवेयर डिवाइस है
जिसमे ईथरनेट केबल के माध्यम से दो या उससे अधिक उपकरणों को आरजे 45 या अन्य कनेक्टर से जोड़ा जाता
है। हब OSI मॉडल की फिज़िकल लेयर (लेयर 1) में काम करते हैं। हब एक सरल
प्रसारण नेटवर्क उपकरण है। हब अपनी ओर आने वाले किसी यातायात का प्रबंधन नहीं करते
और किसी भी पोर्ट से आने वाला पैकेट अन्य सभी पोर्ट पर प्रसारित हो जाता है।
रिपीटर (Repeater): रिपीटर एक नेटवर्क उपकरण है जिसका
उपयोग सिग्नल पाने एवं उन्हें दुरस्त करके दुबारा प्रसारण किया जाता है जिससे
सिग्नल लम्बी दुरी तय कर पाते हैं। रिपीटर OSI मॉडल की पहली परत पर उपयोग में
होता है।
ब्रिज (Bridge): नेटवर्क ब्रिज का उपयोग दो या उससे
अधिक अलग नेटवर्क को जोड़ने के लिए होता है । जैसे बस एवं रिंग नेटवर्क को जोड़ने के
लिए ब्रिज डिवाइस का उपयोग किया जाता है। ब्रिज का उपयोग बड़े नेटवर्क को छोटे
खंडों में विभाजित करने के लिए भी किया जा सकता है। ब्रिज नेटवर्क डिवाइस लेयर 1 एवं लेयर 2 दोनों पर काम करता है ।
राऊटर (Router): राऊटर एक नेटवर्किंग उपकरण है जो
कंप्यूटर नेटवर्क के बीच डाटा पैकेट को फॉरवर्ड करता है एवं कनेक्शन प्रदान करता
है। रूटर OSI मॉडल की तीसरी परत, नेटवर्क परत पर काम करता है।
राऊटर की खाशियत यह है की यह एक समझदार उपकरण है जो डाटा पैकेट को ट्रांसफर करने
का उपयुक्त रास्ता चुनता है एवं डेटा आगे भेजता है।
मॉडेम (MODEM): मॉडेम, मॉडुलेटर-डीमॉडुलेटर (MOdulator-DEModulator)
का
संक्षिप्त रूप है। यह एक ऐसी युक्ति (डिवाइस) है जो किसी आंकिक (डिजिटल) सूचना को
मॉडुलेट करके एनॉलॉग (analog) प्रारूप में भेजती है और जो एनॉलॉग
प्रारूप में इसे सिगनल मिलता है उसे डी-मॉडुलेट करके डिजिटल रूप में ग्रहण करती
है। यह किसी संचरण के माध्यम (transmission media) और आंकिक मशीन (जैसे कम्प्यूटर)
के बीच संचार स्थापित करने के लिये आवश्यक अवयव है।
Subscribe to:
Comments (Atom)
